प्राचीनतम तंत्र मन्त्रों और टोटकों के अचूक प्रयोग की ऐसी पुस्तक नहीं मिलेगी

प्राचीनतम #तंत्र मन्त्रों और #टोटकों के अचूक प्रयोग की ऐसी पुस्तक नहीं मिलेगी

इस पुस्तक में क्या खासियत है ?

वैदिक काल के बाद जब तंत्र , मंत्र और टोटकों के प्रयोग का उदय था उस समय उच्चाटन और मारण जैसे घृणित प्रयोगों की भूमिका नहीं थी . सिर्फ मानवीय समस्याओं का समाधान . इस पुस्तक में सताप नाशक प्रकरण के अंतर्गत मनुष्य के अवसाद को दूर करने की अनेकों प्रयोग हैं , सबसे विशेष बात उर्जा तंत्र प्रकरण में है .

आप जानते होंगें कि नालंदा विश्विद्यालय के विशाल पुस्तकालय के नष्ट होने पर बहुत सारे ज्ञान और विद्या भी नष्ट हो गयी थीं तो यह रेकी, और प्राणिक जैसी विद्या आखिर भारत से कैसे निकली ? मास्टर मिकाऊ और मास्टर सुई की बायोग्राफी यह साफ बताती है कि उनके गुरु भारत से थे फिर आखिर इसकी विधियों के मूल ग्रन्थ भारत से कैसे लुप्त हो गए . जह जानना बहुत मुश्किल है किन्तु यह विद्या इस पुस्तक के उर्जा तंत्र प्रकरण में मिलेगी .

अन्य प्रकरण धनार्जन, विवाह, संतान, वशीकरण, रोगनिवारण और गृहस्थ प्रकरण के प्रयोग भी निश्चित ही समस्याग्रस्त लोगों के लिए बहुत उत्कृष्ट साबित हो रहे हैं . इस पुस्तक के अंतिम भाग में सभी प्रयोगों को अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है जिससे विदेशों में भी अब लोग इसका प्रयोग सरलता से कर सके .

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